हरियाणा में सरकारी वाहनों की खरीद पर सख्ती: मुख्य सचिव कार्यालय की मंजूरी के बिना नई गाड़ियां खरीदने पर रोक, 15 दिन में मांगा सर्टिफिकेट

हरियाणा में सरकारी वाहनों की खरीद पर सख्ती: मुख्य सचिव कार्यालय की मंजूरी के बिना नई गाड़ियां खरीदने पर रोक, 15 दिन में मांगा सर्टिफिकेट

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Strictness on purchase of government vehicles in Haryana

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी विभागों में सरकार से स्वीकृति के बगैर नए वाहनों की खरीद पर प्रतिबंध के बावजूद अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर गाड़ियां खरीद रहे हैं। इस पर सख्त हुई सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव कार्यालय (आरवीए शाखा) को ही नए वाहन खरीदने की अनुमति रहेगी।

वित्त विभाग के अधीनस्थ लोक उद्यम ब्यूरो ने

सभी बोर्ड-निगमों, सरकारी कंपनियों, सहकारी संस्थानों और स्वायत्त निकायों के प्रमुखों को जारी पत्र में कहा है कि नौ मई 2013 को वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कंडम वाहनों को बदलने के मामलों को छोड़कर नए वाहनों की खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

मुख्य सचिव कार्यालय (आरवीए अनुभाग) भी एक जनवरी 2016 को जारी आदेश में स्पष्ट कर चुका है कि वित्त विभाग किसी भी नए वाहन को स्वीकृत नहीं करेगा। इसके बावजूद विभागों द्वारा संबंधित अधिकारियों के निर्धारित अधिकार से अधिक सरकारी वाहन खरीदे जा रहे हैं।

इसे रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि सभी नए या प्रतिस्थापन सरकारी वाहनों की खरीद मुख्य सचिव कार्यालय (आरवीए शाखा) द्वारा निर्धारित अधिकारों के अनुरूप ही की जाएगी। यह नियम सभी खरीदों पर लागू होगा, चाहे वित्तपोषण का स्रोत आंतरिक संसाधन हो या राज्य कोष से प्राप्त अनुदान।

सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर अनुपालन प्रमाणपत्र भी देना होगा। प्रमाणपत्र में स्पष्ट रूप से पुष्टि होनी चाहिए कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संबंधित अधिकारियों के निर्धारित अधिकार से अधिक कोई भी सरकारी वाहन नहीं खरीदा गया।